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Friday, January 20, 2017

Indian Political Administration - भारतीय राजनैतिक प्रबंध


1 .भारतीय संविधान के अनुसार निम्नलिखित में से क्या सांवधिनिक निकाय/संस्था है?
अ वित आयोग
ब राष्टिय विकास  परिषद
स योजना आयोग
द नीति आयोग

2 .यदि लोकसभा अध्यक्ष त्याग पत्र देना चाहे तो वह अपना त्याग-पत्र निम्न से किसे दे सकता है?
अ भारत के राष्टपति को
ब लोकसभा उपाध्यक्ष को
स प्रधानमंत्री को
द मिं़त्रमण्डल को

3 .वित आयोग की नियुक्ति कौन करता है?
अ वित मंत्री
ब प्रधानमंत्री
स लोकसभा अध्यक्ष
द राष्टपति

4 .किस वर्ष भारत के राष्टपति ने आन्तरिक अव्यवस्था के कारण आपात काल की घोषाण की थी?
अ 1962
ब 1965
स 1971
द 1975

5 .भारत में उपराष्टिपति को उसके पद कौन हटा सकता है?
अ लोकसभा की सहमति से राज्य सभा
ब राष्टपति की सहमति से राज्य सभा
स राष्टपति की सहमति से लोक सभा
द मंत्रि परिषद की सहमति से राष्टपति

6 .निम्न में से किसमें राज्य सभा की भूमिका नहीं होती है?
अ उप-राष्टपति के निर्वाचन में
ब अध्यक्ष के निर्वाचन में
स राष्टपति पर महाअभियोग में
द उच्चतम न्यायलयों के न्यायधीषो को हटाने में

7 .राष्टपति राज्य सभा के लिए उन व्यक्तियों में से जो कला, साहित्य, सामाजिक सेवा आदि के क्षेत्र में से है, निम्न लिखित में से कितने व्यक्तियों का नामांकन करा सकता है?
अ 2
ब 4
स 8
द 12

8 .निम्न में से वह व्यक्ति कौन है जो अनुच्छेद 143 के तहत के अधीन किसी मामले को सलाह कारी राय के लिए भारत के उच्चतम न्यायालय को प्रेषित कर सकते है?
अ राज्यपाल
ब उपराज्यपाल
स राष्टपति
द राष्टपति व राज्यपाल

9 .विदेषों को भेजे जाने वाले विभिन्न संसदीय प्रतिनिधि -मण्ड़लो का के लिए व्यक्तियों को नामांकन निम्न में से कौन करता है?
अ लोकसभा अध्यक्ष
ब प्रधानमंत्री कार्यालय
स राज्य सभा अध्यक्ष
द संसदीय कार्य मन्त्रालय

10 .भारत का पहला अराजनीतिज्ञ राष्टपति कौन थ
अ डॉ. जाकिर हुसैन
ब डॉ. ए पी जे अब्दुल कलाम
स डॉ. एस राधा कुष्णन
द डॉ. राजेन्द्र प्रसाद

सही उतर  (1) (2)(3) (4)(5) (6)  (7)(8) (9)(10) 

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Saturday, January 7, 2017

भारतीय राजव्यव्स्था -Indian Constitution (RAS , SSC, UPSC Exam)

1 सविधान के अनुच्छेद -1 भारत को क्या कहा गया है।
  (अ) परिसंघ
  (ब) परिसंघ , प्रबल एकात्मक आधार के साथ
  (स) महासंघ
  (द) राज्यो का संघ
   
2  निम्न में से कौन सा राजनैतिक अधिकार नही है
   (अ) मत देने का अधिकार
   (ब) जीवन का अधिकार
   (स) चुनाव लड़ने का अधिकार
   (द) सरकार के अधिषासी निकायो के पास षिकायत करने का अधिकार
   
3 सक्तियो का विभाजन और स्वतंत्र न्यायपालिका किसकी दो महत्वनपूर्ण विषेष्ताएं है।
  (अ) सरकार का लोकतात्रिक स्वरूप
  (ब) सरकार का संघीय स्वरूप
  (स) सरकार का समाजवादी स्वरूप
  (द) सरकार का एकात्मक स्वरूप
   
4 निम्न में से किस वर्ष मे भारतीय नागरीकों के मौलिक कर्तव्य संवधिन में षामिल किए गए थे?
   (अ) 1952 (ब) 1976 (स) 1979 (द) 1975

5 भारत में संघ राज्यो की संख्या कितनी है
(अ) पांच (ब) सात  (स) नौ (द) छः

6 समाजवादी चितंक निम्न में से किस क्षेत्र में समानता के अधिकार को बढाने की वकालत करते है।
  (अ) आर्थिक क्षेत्र
  (ब)  राजनैतिक क्षेत्र
  (स) सामाजिक क्षेत्र
  (द) विधि क्षेत्र

7 भारतीय संविधान का प्रारूपण पूरा हुआ था
 (अ) 26 जनवरी 1950
 (ब) 26 दिसम्बर 1959
 (स) 26 जनवरी 1949
 (द) 26 नम्वबर 1949
 
8 जनमत संग्रह तथा उपक्रमण कराया जाता है
 (अ )ग्रेट बिटेन में
 (ब) भारत में
 (स) अमेरिका में
 (द) स्विटजरलैण्ड में
 
9 भारत में वैध प्रभुसता निहित है
 (अ) राष्टपति में
 (ब) न्यायपालिका में
 (स) मन्त्रिमण्डल में
 (द) संविधान में
   
10 अमरीका में राष्टपति द्वारा की गई सभी नियुक्त्यिं तथा द्वारा हस्तारिक्षित सभी सन्धियो का अनुसर्मथन वहां की सीनेट द्वारा किया जाना चाहिए, इससे निम्नलिखित में से क्या निर्दिष्ट होता है?
 (अ) विधि की उचित प्रक्रिया
 (ब) नियत्रंण का सिन्द्वात
 (स) सन्तुलन का सिन्द्वात
 (द) शक्ति पृथकरण का सिन्द्वात
 (1) अ व द (2) ब व स  (3) केवल अ (4) उपरोक्त सभी


सही उतर (1) द (2)  ब (3)  ब (4)  ब (5)  ब (6) अ (7) द (8) द (9) द (10) 2

Monday, January 2, 2017

भारतीय संविधान में किय गये 10 मुख्य संशोधन

10 Most Amendment in Indian Constitution - (RAS Main / Railway/SSC Exam)
भारतीय संविधान में किय गये 10 मुख्य संशोधन-


भारत का संविधान 26 जनवरी, 1950 को लागू हुआ था। इसका निर्माण 'संविधान सभा' के द्वारा किया था, इसकी पहली बैठक 9 दिसम्बर, 1946 को हुई थी। संविधान सभा ने 26 नवम्बर, 1949 को संविधान को अंगीकार कर लिया था। संविधान सभा की पहली बैठक अविभाजित भारत के लिए बुलाई गई थी। 4 अगस्त, 1947 को संविधान सभा की बैठक पुनः हुई और उसके अध्यक्ष सच्चिदानन्द सिन्हा नियुक्त हुए थे। सिन्हा के निधन के बाद डॉ. राजेन्द्र प्रसाद संविधान सभा के अध्यक्ष बने। फ़रवरी, 1948 में संविधान का मसौदा प्रकाशित हुआ। 26 नवम्बर, 1949 को संविधान अन्तिम रूप में स्वीकृत हुआ और 26 जनवरी, 1950 को लागू हुआ। संविधान की सर्वोच्चता'भारत का संविधान' ब्रिटेन की संसदीय प्रणाली पर आधारित है, किन्तु एक विषय में यह उससे कुछ भिन्न है। ब्रिटेन में संसद सर्वोच्च है। भारत में संसद नहीं; बल्कि संविधान सर्वोच्च है। भारत में न्यायालयों को भारत की संसद द्वारा पास किए गए क़ानून की संवैधानिकता पर निर्णय लेने का अधिकार प्राप्त है।


संविधान में संशोधन
संविधान में समय-समय संशोधन भी होते रहे हैं। विधायिनी सभा में किसी विधेयक में परिवर्तन, सुधार करने की प्रक्रिया को 'संशोधन' कहा जाता है। सभा या समिति के प्रस्ताव के शोधन की क्रिया के लिए भी इस शब्द का प्रयोग होता है। किसी भी देश का संविधान कितनी ही सावधानी से बनाया जाए, किंतु मनुष्य की कल्पना शक्ति की सीमा बँधी हुई है। भविष्य में आने वाली और बदलने वाली सभी परिस्थितियों की कल्पना वह संविधान के निर्माण काल में नहीं कर सकता। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों की गुत्थियों के कारण भी संविधान में संशोधन और परिवर्तन करना आवश्यक तथा ज़रूरी हो जाता है। 

संशोधन की प्रक्रिया
भारतीय गणतंत्र संविधान के संशोधन का कुछ अंश नमनीय है और कुछ अंश की अनमनीय प्रक्रिया है। इन दोनों विधियों को ग्रहण करने से देश के मौलिक सिद्धांतों का पोषण होगा और संविधान में परिस्थितियों के अनुकूल विकसित होने की प्रेरणाशक्ति भी शामिल होगी
368. 1[संविधान का संशोधन करने की संसद की शक्ति और उसके लिए प्रक्रिया -- 2[(1) इस संविधान में किसी बात के होते हुए भी, संसद अपनी संविधायी शक्ति का प्रयोग करते हुए इस संविधान के किसी उपबंध का परिवर्धन, परिवर्तन या निरसन के रूप में संशोधन इस अनुच्छेद में अधिकथित प्रक्रिया के अनुसार कर सकेगी।
3[(2)] इस संविधान के संशोधन का आरंभ संसद के किसी सदन में इस प्रयोजन के लिए विधेयक पुरःस्थापित करके ही किया जा सकेगा और जब वह विधेयक प्रत्येक सदन में उस सदन की कुल सदस्य संख्या  के बहुमत द्वारा तथा उस सदन के उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत द्वारा पारित कर दिया जाता है तब 4[वह राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जो विधेयक को अपनी अनुमति देगा और तब] संविधान उस विधेयक के निबंधनों के अनुसार संशोधित हो जाएगा :


पहला संशोधन (1951) 
इसके माध्यम से स्वतंत्रता, समानता एवं संपत्ति से संबंधित मौलिक अधिकारों को लागू किए जाने संबंधी कुछ व्यवहारिक कठिनाइयों को दूर करने का प्रयास किया गया l अभिव्यक्ति के मूल अधिकारों पर इसमें उचित प्रतिबंध की व्यवस्था की गई l साथ ही, इस संशोधन द्वारा संविधान में नौंवी अनुसूची को जोड़ा गया, जिसमें उल्लिखित कानूनों को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायिक पुनर्विलोकन की शक्तियों के अंतर्गत परीक्षा नहीं की जा सकती है 

दूसरा संशोधन (1952)
दुसरे संसोधन में, अनुच्छेद 81 को हटाया गया जिसमे, लोक सभा प्रतिनिधि के चयन के लिए 7,50,000 की जनसँख्या की अनिवार्यता को हटाया गया था l मूल प्रावधान के अनुसार 7,50,000 की जनसँख्या पर एक लोक सभा में प्रतिनिधित्व चुने की अनिवार्यता थी l इसके बाद लोक सभा की संख्या 500 सदस्यों तक सीमित कर दी गया 

तीसरा संशोधन (1954) 
अंतर्गत सातवीं अनुसूची को समवर्ती सूची की 33वीं प्रविष्टी के स्थान पर खाद्यान्न, पशुओं के लिए चारा, कच्चा कपास, जूट आदि को रखा गया, जिसके उत्पादन एवं आपूर्ति को लोकहित में समझने पर सरकार उस पर नियंत्रण लगा सकती है l

चौथा संशोधन (1955) 
इसके अंतर्गत व्यक्तिगत संपत्ति को लोकहित में राज्य द्वारा हस्तगत किए जाने की स्थिति में, न्यायालय इसकी क्षतिपूर्ति के संबंध में परीक्षा नहीं कर सकती  

पांचवा संशोधन (1955) 
इस संशोधन में अनुच्छेद 3 में संशोधन किया गया, जिसमें राष्ट्रपति को यह शक्ति दी गई कि वह राज्य विधान- मंडलों द्वारा अपने-अपने राज्यों के क्षेत्र, सीमाओं आदि पर प्रभाव डालने वाली प्रस्तावित केंद्रीय विधियों के बारे में अपने विचार भेजने के लिए कोई समय-सीमा निर्धारित कर सकते हैं 

छठा संशोधन (1956)
इस अधिनियम में, संविधान में 7 अनुसूची और संघ सूची में संसोधन किया गया, 92  प्रविष्टि के बाद एक नई राज्य सूची में नई प्रविष्टि को जोड़ा गया, नई प्रविष्टि को 54 के लिए स्थानापन्न थी l इस संशोधन द्वारा सातवीं अनुसूची के संघ सूची में परिवर्तन कर अंतर्राज्यीय बिक्री कर के अंतर्गत कुछ वस्तुओं पर केंद्र को कर लगाने का अधिकार दिया गया है      

सांतवा संशोधन (1956) 
इस संशोधन द्वारा भाषीय आधार पर राज्यों का पुनर्गठन किया गया, जिसमें अगली तीन श्रेणियों में राज्यों के वर्गीकरण को समाप्त करते हुए राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में उन्हें विभाजित किया गया. साथ ही, इनके अनुरूप केंद्र एवं राज्य की विधान पालिकाओं में सीटों को पुनर्व्यवस्थित किया गया 

आठवां संशोधन (1959)
इसके अंतर्गत केंद्र एवं राज्यों के निम्न सदनों में अनुसूचित जाती, अनुसूचित जनजाति एवं आंग्ल भारतीय समुदायों के आरक्षण संबंधी प्रावधानों को दस वर्षों अर्थात 1970 तक बढ़ा दिया गया 

नौवीं संशोधन (1960)
इसके द्वारा संविधान की प्रथम अनुसूची में परिवर्तन करके भारत और पाकिस्तान के बीच 1958 की संधि की शर्तों के अनुसार बेरुबारी, खुलना आदि क्षेत्र पाकिस्तान को दे दिए गए

दसवां संशोधन (1961) 
इसके अंतर्गत पूर्व पुर्तगाली अंतः क्षेत्र दादर एवं नगर हवेली को भारत में शामिल कर उन्हें केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दे दिया गया था